Dr. Ambedkar Student Front of India (DASFI) Rajasthan State

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संविधान

डॉ अम्बेडकर स्टूडेंट फ्रंट ऑफ़ इंडिया (DASFI)

 एक अम्बेडकरवादी छात्र संगठन है. जो बहुजन मूवमेंट को आगे बढाते हुए छात्र और युवा हित में कार्य करता है. DASFI संगठन बहुजन महापुरुषों की विचारधारा को समाज के युवाओ तक पहुचाने तथा एक समतामूलक समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत है. संगठन राष्ट्रिय स्तर पर अनेक राज्यों में कार्यरत है, संगठन युवाओ का युवाओ के लिए युवाओ द्वारा संचालित एक साँझा प्रयास है.

विचारधारा :-
बाबा साहब द्वारा दिए गए सिद्धांत ‘शिक्षा, संघर्ष और संगठन’ का अनुशरण करते हुए DASFI संगठन बहुजन युवाओ को अम्बेडकरवाद से अवगत करा उन्हें समाज से जोड़ने के कार्य करता है. पूर्णतः कैडर-बेस्ड संगठन है, जो सामाजिक जागरूकता के साथ साथ समाज में व्याप्त मनुवादी व्यवस्था को धवस्त करने तथा युवाओ के माध्यम से मानववादी व्यवस्था की स्थापना करने को प्रयासरत है.

शिक्षा :-

बाबा साहब द्वारा दिए गए पहले सिद्धांत शिक्षा पर फोकस करते हुए DASFI संगठन समाज के छात्रों को सीधे संगठन से जोड़ता है, तथा शिक्षा में आने वाली उनकी समस्याओ का समाधान करता है, बाबा साहब ने कहा था की शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगी वो दहाड़ेगा. उसी शिक्षा को समाज के प्रचार प्रसार के लिए हम बहुजन छात्रों एवं छात्राओ को संगठन से जोड़ते है और उनकी शिक्षा सम्बन्धी समस्याओ का निदान करते है. बाबा साहब ने जिस शिक्षा की बात की वो सिर्फ किताबी शिक्षा की बात नहीं थी, सामाजिक ज्ञान के बारे में बाबा साहब ने साथ ही कहा था, हम विद्यार्थी वर्ग को समस्त बहुजन महापुरुषों के विचारो के बारे में अवगत करा उन्हें बहुजन मिशन से जोड़ते है. ताकि चलकर वो मनुवाद नामक बिमारी से ग्रस्त समाज का सही इलाज कर सके.
संघर्ष :-
बाबा साहब द्वारा दिए गए दूसरे सिद्धांत संघर्ष को अपनाते हुए DASFI संगठन सामाजिक जागरूकता के लिए संघर्षरत है, एक विद्यार्थी का जीवन संघर्षो से झुझता ही होता है, अड्मिशन से लेकर शिक्षा पूरी होने तक उन्हें हज़ारो समस्याओ के खिलाफ संघर्ष कर आगे बढ़ना होता है अन्यथा उनकी शिक्षा पूर्ण नहीं हो पाती है, किन्तु वह संघर्ष व्यक्तिगत संघर्ष है, हम विद्यार्थियों को सामाजिक संघर्ष से अवगत करते है और उन्हें समाज-हित में संघर्ष की प्रेरणा देते है. बाबा साहब ने कहा था की मेरा जीवन संघर्ष ही मेरा सन्देश है.बाबा साहब का जीवन संघर्ष विद्यार्थी वर्ग को बताने के बाद उन्हें गुलामी का अहसास कराया जाता है जिससे वो स्वाभाविक रूप से गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए अग्रसर होते है.
संगठन :-

संगठन में अब तक देशभर से से अधिक DASFI संगठनो को अपने साथ जोड़ चूका है, इन सभी संगठनो के पदाधिकारी अपना पुराना संगठन ख़त्म कर DASFI के रूप में उभर रही राष्ट्रिय बहुजन युवा शक्ति के साथ जुड़कर कार्य कर रहे है. संगठन को और अधिक मजबूती से समाज में स्थापित करने और काम को अधिक फैलाने के लिए समाज के युवाओ और संगठनो को संगठित करने का कार्य भी संगठन कर रहा है. बाबा साहब ने अंतिम समय में अत्यंत दुखी मन से ये बात कही थी की मुझे मेरे समाज के पढ़े लिखे लोगो ने ही धोखा दिया है. समाज ने आगे आने वाली शिक्षित युवा पीढ़ी समाज और बाबा साहब को धोखा न दे इसके लिए हम उन्हें उनके शिक्षा-काल में ही महापुरुषों के विचारो से अवगत कराते है, ताकि शिक्षित होने के बाद वह युवा अपनी शिक्षा का सदुपयोग समाजहित में करे.
स्थापना :-
DASFI संगठन का स्थापना दिवस 19 अक्टूबर 2012 है. इस दिन कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में पांच राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा एक संयुक्त राष्ट्रिय छात्र अधिवेशन का आयोजन किया गया, वह DASFI संगठन का पहला राष्ट्रिय अधिवेशन माना गया. सभी प्रतिनिधियों की आपसी सहमति से DASFI के राष्ट्रीयकरण की घोषणा की गई तथा सर्वसम्मति से कुछ छात्रों के कार्यो और मेहनत को देखते हुए इसकी पहली राष्ट्रिय कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमे मा. संजय बौद्ध जी प्रथम राष्ट्रिय अध्यक्ष चुने गए, मा. रविन्द्र   डांढ़ा जी राष्ट्रिय उपाध्यक्ष, मा. हर्षवर्धन राणा जी तथा मा धीरेन्द्र ललित जी राष्ट्रिय महासचिव चुने गए. राष्ट्रिय कार्यकारिणी का कार्यकाल एक साल निर्धारित किया गया.
दूसरा राष्ट्रिय अधिवेशन जीवाजी विशवविधालय के गालव ऑडिटोरियम में दिनांक 27 अक्टूबर 2013 को आयोजित किया गया, सर्वसम्मति से प्रथम राष्ट्रिय कार्यकारिणी के सदस्यों को ही पुनः दूसरी राष्ट्रिय कार्यकारिणी के रूप में चुना गया, जो इस प्रकार थी- मा. संजय बौद्ध जी राष्ट्रिय अध्यक्ष, मा. रविंदर डांढ़ा जी राष्ट्रिय उपाध्यक्ष, मा. हर्षवर्धन राणा जी तथा मा धीरेन्द्र ललित जी राष्ट्रिय महासचिव. किन्तु ख़राब सेहत के कारण संगठन के राष्ट्रिय अध्यक्ष मा. संजय बौद्ध जी ने दिनांक 21 अप्रैल 2014 को पद से इस्तीफा देना पड़ा, उनके बाद सभी राज्य-अध्यक्षों की सहमति से मा.हर्षवर्धन राणा जी को DASFI संगठन का राष्ट्रिय अध्यक्ष मनोनीत किया गया.
DASFI संगठन का तीसरा राष्ट्रिय अधिवेशन 5 अक्टूबर 2014 को रोहतक में आयोजित किया जायेगा. जिसमे सभी राज्यों के प्रितिनिधियो के अलावा समाज के बुद्धिजीवी शिरकत करेंगे.
संगठन सम्बन्धी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :-
संगठन के कार्यकर्ताओ का अभिवादन शब्द ‘जय भीम’ है.
संगठन नॉन-रजिस्टरड संगठन है. संगठन हित में सामूहिक फैसले के तहत ही इसे सदैव गैर-पंजीकृत ही रखा जायेगा.
संगठन किसी भी राजनितिक पार्टी से संबंधित या अनुदानप्राप्त नहीं है.
संगठन का स्थापना दिवस 19 अक्टूबर है. प्रत्येक वर्ष इसी महीने संगठन का राष्ट्रिय अधिवेशन आयोजित किया जाता है.
संगठन की राष्ट्रिय कार्यकारिणी का कार्यकाल निर्धारित एक वर्ष है.
संगठन का अपना कोई केंद्रीय कार्यालय नहीं है.
संगठन समाज के व्यक्तियों द्वारा दिए गए आर्थिक सहयोग एवं छात्रों की पॉकेट-मनी से चलता है.

संगठन के कार्यकर्ताओ को बुद्ध-फुले-शाहू-आंबेडकर के विचारो को समझकर उन्हें जन-जन तक पहुचना है.

संपर्क-सूत्र :-
राष्ट्रिय हेल्पलाइन नंबर :- 08272020021
वेबसाइट :- www.dasfi.in
ईमेल :- joindasfi@gmail.com
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